बिना फैक्ट्री लगाए, घर से शुरू करें ये 5 मैन्युफैक्चरिंग बिजनेस

दोस्तों, जब भी हम मैन्युफैक्चरिंग का नाम सुनते हैं, तो दिमाग में क्या आता है?बड़ी-बड़ी फैक्ट्रियां, लाखों करोड़ों का इन्वेस्टमेंट। है ना? पर सच तो यह है कि यह सोच अब पुरानी हो चुकी है। आज मैं आपको साबित करूंगा कि आपके घर का एक छोटा सा खाली कमरा भी एक फैक्ट्री बन सकता है। एक खाली कमरा और महीने के 400। यह सपना नहीं हकीकत है और आज मैं आपको बताऊंगा वह पांच रास्ते जो शायद किसी ने आपको कभी नहीं दिखाएं।

रमेश नाम का एक लड़का था। छोटे से कस्बे से था। पढ़ा लिखा था, मेहनती था लेकिन नौकरी नहीं मिली। घर में पैसों की तंगी थी। एक दिन उसने अपने घर के उस खाली कमरे को देखा जहां बस पुराना सामान रखा था। उसके दिमाग में एक सवाल आया। क्या यह कमरा मेरी किस्मत बदल सकता है? आज उस कमरे से वो हर महीने ₹35,000 कमाता है। कैसे वो बाद में बताऊंगा। पहले एक जरूरी बात। देखिए दोस्तों, मैं यहां आपको कोई रातोंरात अमीर बनने की स्कीम नहीं बता रहा हूं। मैं जो भी मुनाफे के आंकड़े आपको दिखाऊंगा, वह मार्केट की रिसर्च पर आधारित है। आपकी कमाई, आपकी मेहनत, आपकी लोकेशन और आप कितनी शिद्दत से काम करते हैं, उस पर निर्भर करेगी। बिजनेस में रिस्क भी होता है और मेहनत भी। और मैं चाहता हूं कि आप पूरी समझदारी के साथ अपना कदम उठाएं क्योंकि मैं और यूबर की तरह केवल हवाहवाई बात करना नहीं पसंद करता।

अब शुरू करते हैं पहले आईडिया से। हम सब ने सुना है कि फैक्ट्री खोलनी है तो लाखों चाहिए, जमीन चाहिए, मशीनें चाहिए। पर यह सोच अब पुरानी हो चुकी है। आज का जमाना स्मार्ट काम का है। सिर्फ मेहनत का नहीं। और आज मैं आपको दिखाऊंगा कि सिर्फ 5000 से कैसे एक असली बिजनेस शुरू होता है। लेकिन इन पांच  आइडियाज में से एक ऐसा सीक्रेट आईडिया भी है जिसमें कचरे से सोना बनता है। उसे अंत तक जरूर देखिएगा। तो शुरू करते हैं पहले आईडिया से। आपने देखा होगा कि आजकल दुकानदार परेशान है। प्लास्टिक पर बैन लग रहा है। पैकिंग के लिए कुछ चाहिए और यहीं से खुलता है पेपर बैग बनाने का बिजनेस। एक छोटी सी मशीन, घर का एक कोना और बस शुरू। अब सुनिए इसका असली गणित। अगर एक बैग पर सिर्फ 50 पैसे का मार्जिन रखा और दिन के 2000 बैग बना लिए तो महीने के 300 सिर्फ इसी एक काम से। और बेचना कैसे है? कोई बड़ा मॉल नहीं ढूंढना। बस अपने आसपास की बेकरी, कपड़े की दुकान, रेस्टोरेंट उन्हें सैंपल दो।

एक अच्छी कीमत दो और ऑर्डर पक्का। लेकिन यहां 90% लोग एक गलती करते हैं और वो गलती है क्वालिटी में कंजूसी। बस इससे बचो बाकी सब आसान है। अब दूसरा आईडिया और यह मेरा पसंदीदा है। बाजार के मसाले और मिलावट का डर आजकल हर घर में यही चर्चा है। तो सोचिए अगर आप किसी को यह भरोसा दिला दें कि यह मसाला घर का बना है, शुद्ध है, साफ है तो क्या वह नहीं लेगा?
जरूर लेगा। और यही आपका बिजनेस है। एक छोटी पीसने वाली मशीन, एक सीलिंग मशीन और शुरुआत अपनी खुद की कॉलोनी से। हर सोसाइटी में WhatsApp ग्रुप होता है। बस वहां से बात फैलाओ। एक बार भरोसा बना तो यह बिजनेस खुद चलता है। आपको बड़े-बड़े ऐड नहीं चाहिए। आपको बड़े-बड़े प्रचार नहीं करना पड़ेगा। आपका प्रोडक्ट ही आपकी मार्केटिंग होगी। लेकिन रुकिए असली खेल अभी बाकी है। तीसरा आईडिया उन लोगों के लिए है जो कुछ हटकर करना चाहते हैं। आजकल गिफ्ट देना बस एक चीज देना नहीं है। यह एक याद देना है। एक एहसास देना है। फोटो वाला मग, नाम वाली टीशर्ट यह चीजें आजकल धड़ल्ले से बिक रही है। और इसका पूरा सेटअप सिर्फ 33,000 में आपके टेबल पर आ जाता है। एक हीट प्रेस मशीन, एक सब्लीमेशन प्रिंटर बस Instagram पर अपने काम की फोटो डालो। आसपास के ऑफिस और बर्थडे पार्टियों में सैंपल दिखाओ। दोनों तरफ से ऑर्डर आएंगे और एक बार काम चल पड़े तो त्यौहारों में तो इतने ऑर्डर आते हैं कि हाथ थकने लग जाते हैं। चौथा आईडिया है जिसकी डिमांड कभी खत्म नहीं होती। पूजापाठ हो, त्यौहार हो या बस घर महकाना हो, अगरबत्ती तो हर घर में चलती है। हर दिन पूरे साल यह वह बिजनेस है जिसमें मंदी नहीं आती और शुरुआत करना बहुत आसान है।

पहले बनी बनाई कच्ची स्टिक्स खरीदो। उन्हें अपनी खुशबू में डूबाओ, पैक करो और बेचो। और जब काम बढ़ने लगे तो एक मैनुअल मशीन लेकर खुद बनाना शुरू कर दो। अब सुनिए असली बात। इस काम में नॉर्मली 30 से 40% का मार्जिन मिलता है। लेकिन अगर आपने अच्छी पैकेजिंग की और एक अपना ब्रांड बनाया तो यही मार्जिन डबल हो जाता है। यह छोटी सी बात बड़ा फर्क डालती है। और अब वो आईडिया जिसका मैंने शुरू में वादा किया था। कचरे से खजाना। यह सुनकर हंसी आ सकती है, लेकिन जो लोग यह कर रहे हैं, वह हंसते हुए पैसे गिन रहे हैं। हम बात कर रहे हैं वर्मी कंपोस्ट यानी केंचुआ खाद के बिजनेस की। शहरों में गार्डनिंग का शौक तेजी से बढ़ रहा है और हर गार्डनिंग वाले को खाद चाहिए। अब यहां असली जादू सुनिए। जो खाद ₹5 किलो की है वही अच्छी पैकेजिंग के साथ 40 से 45 किलो में बिकती है। यहां पैसा मशीनों में नहीं स्मार्ट पैकेजिंग में है। बस कुछ बीड, कैचुए और घर का जैविक कचरा। बस इतना काफी है शुरुआत के लिए और रमेश उसने भी यही किया था। उस खाली कमरे में उसने यही बिजनेस शुरू किया। आज उसके पास तीन अलग-अलग बिजनेस आइडियाज चल रहे हैं और हर महीने 35,000 से ज्यादा आ रहा है। दुनिया का हर बड़ा ब्रांड एक छोटे से कमरे से शुरू हुआ था। अब फैसला आपका है। इन पांच आइडियाज में से एक चुनिए। अपने इलाके की जरूरत देखिए। थोड़ी रिसर्च कीजिए और बस एक कदम उठाइए। क्योंकि जो सोचते रह जाते हैं वह देखते रह जाते हैं और जो एक कदम उठा लेते हैं वो रमेश बन जाते हैं। क्योंकि कोई भी धंधा छोटा नहीं होता। अगर आप उसे शुरू करते हो सही तरीके से करते हो तो आप पैसे कमाते हो। तो दोस्तों इन पांचों में से किस आईडिया ने आपके दिल में आपके दिमाग में घंटी बजाई। वो आईडिया जिसे देखकर आपको लगा कि हां मैं यह कर सकता हूं।

उसे आप कमेंट बॉक्स में जरूर लिखिएगा क्योंकि वह एक कमेंट आपकी जिंदगी बदलने की शुरुआत हो सकती है क्योंकि जो आदमी जो लिखता है वही वो करता है। तो दोस्तों अगर आप ऐसे और ब्लॉग देखना चाहते हैं तो आप यहां पर क्लिक करके देख सकते हैं। मैं मिलता हूं आपसे एक और ऐसे ही दमदार बिज़नेस आईडिया के साथ। तब तक के लिए आपका दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद।

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