दोस्तों सोचो एक पल के लिए क्या होगा अगर तुम्हारा ई रिक्शा चलते-चलते खुद अपनी बैटरी को चार्ज करता रहे। बिजली के भारीभरकम बिल से आजादी चार्जिंग का वो घंटों का इंतजार खत्म और कमाई नॉनस्टॉप। बस चलाओ और कमाते रहो। यह कोई दूर का सपना नहीं बल्कि एक ऐसी हकीकत है जो भारत में दस्तक दे चुकी है। आज हम बात करने वाले हैं फ्लावर विंड टरबाइन ई रिक्शा के बारे में। एक ऐसी नई टेक्नोलॉजी जो पूरी दुनिया में तेजी से फैल रही है। चीन में इसे बड़े पैमाने पर टेस्ट किया जा चुका है। यूरोप के कई देशों में इस पर रिसर्च हो रही है और अब भारत में भी इसकी शुरुआत हो चुकी है। तो अगर तुम ई रिक्शा चलाते हो या चलाने की सोच रहे हो तो यह ब्लॉग तुम्हारी जिंदगी बदल सकता है। पूरा पढ़ना क्योंकि सबसे जरूरी बात सबसे आखिरी में आएगी। पहले समझते हैं कि अभी एक ई रिक्शा से कितनी कमाई होती है। एक ई रिक्शा छह सीटर का होता है।
दो आगे, दो बीच में, दो पीछे। शहर में चलाओ तो चार सवारी के ₹40 मिलते हैं। एक से 2 कि.मी. पर। दिन में 40 राउंड लगाओ तो 1600 की कमाई। महीने का हिसाब लगाओ तो करीब 48,000। पर यहीं पर असली झटका आता है। एक फुल चार्ज बैटरी से 120 कि.मी. चलती है। रोज 7 से 8 यूनिट बिजली खर्च होती है। बिजली का बिल रोज 56 से ₹60 यानी महीने का करीब 1800 से ₹2000 ऊपर से किस्त, घर का खर्च, रिपेयरिंग और सबसे बड़ी मार, रात को घंटों बैटरी चार्ज करने का इंतजार इन सबको झेलना पड़ता है। यही गलती होती है। लोग सिर्फ कमाई देखते हैं। खर्चा नहीं। पर अब एक ऐसी टेक्नोलॉजी आ गई है जो यह पूरा हिसाब किताब पलट देगी। और वह टेक्नोलॉजी है फ्लावर विंड टरबाइन। इसे ट्यूलिप शेप टरबाइन भी कहते हैं क्योंकि यह फूल जैसा दिखता है। इसे ई रिक्शे की छत पर लगाया जाता है और जैसे ही रिक्शा चलना शुरू होता है हवा इस टरबाइन को छूती है यह घूमने लगता है और बिजली बनने लगती है। वह बिजली सीधे नीचे बैटरी में जाती रहती है। मतलब जितना ज्यादा चलाओगे उतना ज्यादा चार्ज होगी। यह 300 वाट से लेकर 1 किलो वाट तक का पावर पैदा कर सकता है। यह रिक्शे के 48 वोल्ट या 60 वोल्ट सिस्टम में आसानी से जोड़ा जा सकता है और कम हवा में भी यह बढ़िया काम करता है क्योंकि इसे खासतौर से कम स्पीड में भी चलने के लिए बनाया गया है। अब असली खेल यहां से शुरू होता है। इस टरबाइन का हाइब्रिड मॉडल भी आता है। इसमें छत पर टरबाइन के साथ-साथ एक सोलर पैनल भी लगाया जाता है। यानी जब रिक्शा चल रहा हो तो हवा से चार्जिंग और जब रिक्शा रुका हो, खड़ा हो तो धूप से चार्जिंग। दोन-दो तरफ से बैटरी चार्ज होती रहती है।
इस हाइब्रिड मॉडल को देखकर खुद इंजीनियर कहते हैं कि यह रिक्शा एक चलता फिरता मिनी पावर हाउस बन जाता है। चीन में इस तकनीक पर काम 2021 में शुरू हुआ था। वहां कई शहर में इस तरह के हाइब्रिड इलेक्ट्रिक व्हीकल टेस्ट हो चुके हैं। जिनमें चलते वक्त पावर जनरेशन होती है। अब भारत जैसे देश में जहां करोड़ों ई रिक्शा है। जहां बिजली की कीमत बढ़ती जा रही है। यह टेक्नोलॉजी किसी वरदान से कम नहीं है। अब सोचो अगर महीने का 2000 का बिजली बिल नाम मात्र रह जाए या भारी बचत हो जाए तो साल में 24,000 की बचत होगी और बैटरी हमेशा चार्ज रहेगी तो बैटरी की उम्र भी बढ़ जाएगी। यानी हर 3 साल में बैटरी बदलने का जो 15,000 से 20,000 का खर्चा था वह भी कम हो गया। कमाई वही रहेगी खर्चा घटेगा तो मुनाफा अपने आप बढ़ेगा। और दोस्तों सबसे बड़ी बात इससे तुम्हारी रेंज बढ़ जाती है। यानी एक फुल चार्ज पर तुम पहले से ज्यादा किलोमीटर चला सकते हो। ज्यादा राउंड, ज्यादा सवारी और ज्यादा कमाई। अब बात करते हैं इसे लगाने की। भारत में अभी 1 किलो वाट से लेकर 5 किलो वाट तक के मॉडल उपलब्ध हैं। छोटे मॉडल की शुरुआती कीमत 15,000 से 20,000 के बीच है और इसमें इंस्टॉलेशन भी शामिल हैं। कुछ कंपनियां सब्सिडी भी दे रही हैं। कुछ जरूरी बातें जो हमेशा याद रखना हमेशा अच्छी क्वालिटी का टरबाइन लगवाओ जो कम हवा में भी चल सके। सही बैटरी कंट्रोलर लगवाओ ताकि बैटरी ओवरचार्ज ना हो। रिक्से की स्पीड 20 से 40 कि.मी./ घंटा रखो। इससे टरबाइन सबसे अच्छा काम करता है और शुरुआत में छोटे टरबाइन से टेस्ट करो।
फिर बड़ा लगवाना। और दोस्तों, यह सिर्फ ई रिक्शे तक सीमित नहीं है। यह बात सुनकर तुम चौंक जाओगे। अभी इसी टेक्नोलॉजी पर एक मिनी 3 सीटर कार भी आ चुकी है। इसकी छत पर फ्लावर टरबाइन लगा होता है। यह कार लगभग 3 लाख में मिलती है। इसमें तीन लोग आराम से बैठ सकते हैं और यह चलते-चलते खुद को चार्ज करती रहती है। दुनिया में करोड़ों ऐसे परिवार हैं जिन्हें बड़ी कार नहीं चाहिए। बस एक किफायती साफ सुथरी भरोसेमंद गाड़ी चाहिए। यह कार उन्हीं के लिए है। फैमिली कार। दोस्तों याद है जब पहले बैटरी वाला ई रिक्शा आया था। लोग हंसते थे। बैटरी से भला रिक्शा चलेगा और आज हर गली में बैटरी वाला रिक्शा है। टोटोो है और यही सेम बात आज इस टेक्नोलॉजी के साथ हो रही है। अभी कम दिखेगा पर एक से 2 साल में हर शहर में यह नजर आने लगेगा। जो आज समझेगा वह कल आगे होगा। जो इंतजार करेगा वह पीछे रह जाएगा। अगर तुम इस टेक्नोलॉजी के बारे में और जानना चाहते हो, कीमत जानना है या इसे लगवाना चाहते होI मैं पूरी रिसर्च डाटा के साथ तुम्हें सब कुछ वहां पर दे दूंगा। दोस्तों, यह नई सुबह है ई रिक्शा चालकों के लिए, छोटे परिवारों के लिए, उन सभी के लिए जो कम खर्च में ज्यादा कमाना चाहते हैं। तो दोस्तों, यही था इस बिजनेस आइडियाज की पूरी जानकारी। और अगर आप यह जानना चाहते हैं कि आप अपने घर पर कौन सा सूरज टरबाइन लगवाएं जिससे आप अपनी बिजली का बिल बचा पाएं, कम कर पाएं तो आप इस ब्लॉग को पढ़ना सकते हैं। मैं मिलता हूं आपसे ऐसे दमदार और बिजनेस आइडल के साथ। तब तक के लिए आपका दिल से बहुत-बहुत धन्यवाद।